➤ कसोल साडा बैरियर पर अब हिमाचल के वाहनों से भी वसूला जाएगा शुल्क
➤ कुल्लू और लाहौल-स्पीति छोड़ बाकी 10 जिलों के वाहनों पर लागू नियम
➤ 13 मई से शुरू हुई वसूली, दोपहिया से लेकर बस-ट्रक तक तय दरें लागू
भुंतर-मणिकर्ण सड़क पर स्थित विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) बैरियर कसोल में अब हिमाचल प्रदेश के वाहन चालकों को भी शुल्क देना होगा। प्रशासन ने नया नियम लागू करते हुए कुल्लू और लाहौल-स्पीति को छोड़कर राज्य के बाकी 10 जिलों के वाहनों को शुल्क के दायरे में ला दिया है। इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में नाराजगी बढ़ने लगी है।
अब तक साडा बैरियर पर केवल बाहरी राज्यों से आने वाली टैक्सियों, पर्यटक वाहनों और बसों से शुल्क लिया जाता था, लेकिन 13 मई से नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत दोपहिया वाहनों से लेकर टैक्सी, कार, एसयूवी, बस और ट्रकों तक के लिए अलग-अलग शुल्क तय किया गया है।
नई दरों के अनुसार दोपहिया वाहनों से 50 रुपये शुल्क लिया जाएगा। टैक्सियों को 150 रुपये, एसयूवी और अन्य वाणिज्यिक वाहनों को 300 रुपये देने होंगे। हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत 13 सीट तक के वाहनों के लिए 400 रुपये प्रति वाहन शुल्क तय किया गया है। वहीं 13 से अधिक सीटों वाली बसों और ट्रकों से 500 रुपये वसूले जाएंगे।
इस फैसले के बाद क्षेत्र में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। साडा बैरियर पर शुल्क वसूली के विरोध में भाजपा कार्यकर्ता भी मैदान में उतर आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदेश के ही वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है। खासकर पर्यटन और टैक्सी कारोबार से जुड़े लोग इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।
हालांकि साडा मणिकर्ण के अध्यक्ष और सदर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने इस निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि बैरियर से मिलने वाली राशि को मणिकर्ण और कसोल पंचायतों के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। उनका कहना है कि पर्यटन क्षेत्र में बढ़ते दबाव को देखते हुए सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राजस्व जरूरी है।
प्रशासन ने कुछ श्रेणियों के वाहनों को शुल्क से छूट भी दी है। इनमें सभी सरकारी वाहन, सैन्य और अर्धसैनिक बलों के वाहन, सभी इलेक्ट्रिक वाहन और हिमाचल प्रदेश पंजीकरण संख्या वाले निजी वाहन शामिल हैं। इसके अलावा कुल्लू और लाहौल-स्पीति में पंजीकृत टैक्सियों को भी राहत दी गई है।
साडा बैरियर पर नई शुल्क व्यवस्था लागू होने के बाद अब आने वाले दिनों में विरोध और राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।



